एक शोषित कलम की आवाज से एक ढोंगी बाबा आडम्बर
समाज के लिए एक एकला पत्रकार झुजता रहता है, परत दर परत उस सचाई को सामने लाने के लिए , जिस मध्यम से वो अपनी कुशलता का प्रमाण देना चाहता है वहाँ कई बार वो अपने परिश्रम और प्रयास की सचाई को समाज के सामने नहीं ला पाता, यही वजहे है कि आज समाज में पत्रकारिता को बड़े ही संकीर्ण दृष्टि से देखते हैं | अगर स्पष्ट शब्दों में कहा जाए तो कोई भी बड़े से बडा समाचार घराना ब्लैक मेलिंग और शोषण से अचूका नहीं है, जो अपने स्वार्थ के लिए समाचार लगता या रोकता है | यहाँ हर एक मीडिया घराने ने केवल व्यवसायिक पेशा बना लिया है | यही कारण है कि समाज में फ़ैल रहे भ्रष्टाचार , अस्माजिकता , क्रूरता , अमानवीयता ,अपराध के ख़िलाफ़ स्वतंत्रता से अपनी आवाज को बुलंद नहीं कर पाता | हम आपको बतायेंगे कि एक ढोंगी एक साधू के वेश में क्या आडम्बर रच रहा है | इस आयाश बाबा ने अपनी गुफा में एक महिला को क्यों रखा है, और वो अपराध की किस दुनिया का परिंदा है, भूत जल्दी ही करेंगे इसका खुलासा आपसके सामने इस चर्चा चौराहे में | तब तक दीजिये इजाजत | धन्यवाद | एस.पी.भाटिया
Friday, May 29, 2009
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